
माता-पिता और बुजुर्गों की सेवा ही बड़ा पुण्य कार्य है।
देश की नदियों में सर्वश्रेष्ठ मां नर्मदा है, ,,पंडित अनिल मारकंडे,,

खंडवा। देश की नदियों में सर्वश्रेष्ठ नदी मां नर्मदा है, मां के दर्शन और कथा सुनने से हमारे पाप नष्ट होते हैं। हम सब का सौभाग्य है कि मध्य प्रदेश और हमारे जिले की जीवनदायनी मां नर्मदा है। कथा सुनना हर किसी के भाग्य में नहीं होता जिसे मां और शिव बुलाते हैं वही कथा में पहुंचकर कथा का आनंद लेते हैं, यह उदगार नर्मदा पुरम पिंजानी पार्क में चल रही नर्मदा पुराण कथा के दूसरे दिन कथावाचक पंडित अनिल मारकंडे द्वारा प्रवचन के माध्यम से व्यक्त किए गए। पंडित जी ने कहा कि भगवान शिव की तपस्या और उनके पसीने की बूंद से नर्मदा नदी का जन्म हुआ इसलिए उन्हें शिवपुत्री भी कहा जाता है। मां नर्मदा की महिमा अपरंपार है। पंडित जी ने कहा कि आज के इस आधुनिक युग में काफी परिवर्तन नजर आ रहे हैं परिवार के बच्चे अपने माता-पिता को छोड़कर चले जाते हैं, मैं कहना चाहता हूं कि यदि घर में हमारे माता-पिता सास ससुर बीमार है तो उनकी सेवा उनकी दवाई की व्यवस्था यदि हमने कर दी तो हमें कथा सुनने की भी आवश्यकता नहीं है क्योंकि अपने आप में माता-पिता की सेवा ही सबसे बड़ा पुण्य कार्य है। समाजसेवी व प्रवक्ता सुनील जैन ने बताया कि नर्मदा पुरम पींजानी पार्क में सजल महिला मंडल द्वारा नर्मदा पुराण कथा का आयोजन चल रहा है कथा के दूसरे दिन पंडित मार्कंडेय जी ने नर्मदा मां की महिमा और उनके द्वारा प्रदान किए गए सुखों का वर्णन किया। चल रही संगीतमय कथा का आनंद श्रद्धालुओं द्वारा लिया गया मातृशक्ति द्वारा भजनों पर नृत्य की प्रस्तुति भी दी गई। सुनील जैन ने बताया कि कथा सजल महिला मंडल के सहयोग से आयोजित है कथा में योगेश्वरी पटेल,विद्यावती गौर,उषा गुप्ता,रेशम सामड़िया , सीमा सेन, छाया यादव, सरिता विश्वकर्मा, निशा झोपे, जीवन लता मालवे , शैल बाला श्रीवास्तव, मंदा खनवे, केसर राउत, मधुबाला लाड़ सहित बड़ी संख्या श्रद्धालुओं ने उपस्थित होकर कथा का आनंद प्राप्त किया। महिला मंडल ने सभी भक्तों से अनुरोध है कि संगीतमय पुराण कथा में पधार कर भक्ति रस का लाभ लेवें अपने जीवन को सफल बनावें ।












